पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने खुलासा किया है कि रोहित शर्मा की सबसे बड़ी विरासत सिर्फ प्रमुख ICC टूर्नामेंट जीतना नहीं है, बल्कि भारत के व्हाइट-बॉल फॉर्मेट की बल्लेबाजी की सीमा को बदलना है. रोहित ने भारत के व्हाइट-बॉल कप्तान के रूप में दो ICC खिताब जीते हैं – T20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025.
रोहित ने टीम को वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल में ले जाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन टीम अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी बाधा पार नहीं कर सकी.
इस बीच, वनडे विश्व कप 2023 के बाद से, रोहित ने व्हाइट-बॉल फॉर्मेट्स में आक्रामक रुख अपनाया है और टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
रोहित ने चैंपियंस ट्रॉफी में 180 रन बनाए, जिससे टूर्नामेंट के दौरान 11,000 रन का आंकड़ा पूरा हो गया. 273 वनडे में उन्होंने 48.76 की औसत से 32 शतकों के साथ 11,168 रन बनाए हैं.
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “सबसे बड़ी विरासत टूर्नामेंट जीतना नहीं है, उन्होंने MI के साथ पांच ट्रॉफी जीती हैं, उन्होंने अब 2 ICC खिताब भी जीते हैं. रोहित शर्मा ने भारतीय व्हाइट-बॉल क्रिकेट की बल्लेबाजी की सीमा को बदल दिया है, यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है.”
अश्विन ने कहा कि रोहित ने कीवी के खिलाफ फाइनल में सोच-समझकर जोखिम उठाया. रोहित ने फाइनल में 83 गेंदों पर 76 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता. उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए, जिससे भारत ने अपना सातवां ICC खिताब जीता.